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लघुशंका के बहाने ट्रेन से हुआ फरार
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। जनपद में 15 फरवरी 2021 को कद्दावर बसपा नेता कमालुद्दीन खां हत्याकांड का आरोपित मुस्तफिज हसन उर्फ बाबू घटना के करीब 4 वर्ष बाद मिला तो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जिले की पुलिस उसे गुजरात से गिरफ्तार करके आजमगढ़ ला रही थी। फरार हत्यारोपी 25 हजार रूपये का ईनामिया भी था।
मालूम हो कि बसपा नेता कमालुद्दीन खां की हत्या के बाद से फरार चल रहे आरोपी बाबू को पकड़ने के लिए आजमगढ़ पुलिस लगातार सर्विलांस से उसे ट्रैस कर रही थी। उसके न मिलने के कारण ही पुलिस ने उस पर 25 हजार रूपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
इसी बीच अभी हाल ही में पुलिस सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन गुजरात में मिली। गुजरात में लोकेशन मिलने के बाद आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर आदिल अपने हमराही सिपाही अभिषेक और अशोक यादव के साथ गुजरात से आरोपी को पकड़ने के लिए गए थे।
पुलिस को सफलता मिली और वह पकड़ भी लिया गया। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस की टीम आजमगढ़ ट्रेन से आ रही थी। इस दौरान रास्ते में कई बार बाथरूम भी जाना पड़ा। कभी आरोपी तो कभी पुलिसकर्मी बाथरूम जाते। इस तरह से बाबू ने कोई भी हरकत न करके पुलिस कर्मियों का भरोसा जीत लिया।
इसी दौरान महाराष्ट्र के अमरावती जिले के खंडेश्वर नाथगांव में लघुशंका जाने के बहाने आरोपी मुस्तफिज हसन उर्फ बाबू पुलिस को चकमा देकर उनकी कस्टडी से फरार हो गया। आरोपी के फरार हो जाने से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी।
वहीं इस मामले में एसपी सिटी शैलेन्द्र लाल का कहना है कि आजमगढ़ पुलिस गुजरात से आरोपी मुस्तफिज को ट्रेन से लेकर आ रही थी और अमरावती जनपद के नाथगांव खंडेश्वर में लघुशंका करने के बहाने पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच की और नाथगांव खंडेश्वर में इसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। साथ ही उसे हिरासत में लेकर आ रहे पुलिसकर्मियों के लापरवाही की भी जांच की जा रही है। यदि पुलिसकर्मी दोषी पाये जायेंगे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
बता दें कि बसपा नेता कमालुद्दीन हत्याकांड के आरोपी मुस्तफिज हसन उर्फ बाबू के मामले को लेकर सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापारा गांव की रहने वाली शब्बो जो कि आरोपी की बहन है।
उसने पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण से 7 दिसंबर को मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी। साथ ही पुलिसकर्मियों पर अपने भाई के अपहरण का आरोप लगाया था। अब देखने वाली बात यह होगी कि 25 हजार के फरार इनामी आरोपी को आजमगढ़ पुलिस कब गिरफ्तार कर पाती है। यह पुलिस के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है।