एम. अहमद
श्रावस्ती। जनपद में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र मिश्रा के निर्देश पर जिलाध्यक्ष हसमत हुसैन खान के नेतृत्व मे संगठन के सदस्यों ने शुक्रवार को पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की निंदा की और शोक व्यक्त करने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने कहा कि मुकेश चंद्राकर की हत्या एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि निर्भीक पत्रकारिता एवं संविधान वाद की हत्या है। जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
साथ ही यह मांग की कि जो लोग स्थानीय, प्रदेश स्तरीय, राष्ट्र स्तरीय पत्रकारिता कर रहे हैं उनकी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। संगठन ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के जिम्मेदार की शीघ्र गिरफ्तारी, एफटीसी कोर्ट से त्वरित ट्रायल और परिजनों को 5 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष हसमत हुसैन खान ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र की नींव को कमजोर करती हैं।
संविधान ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना है, लेकिन पत्रकारों पर बढ़ते हमले समाज और सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद देशभर में मीडिया कर्मियों में भय का माहौल है। अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन पर हैं कि वे मीडिया की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाएंगे। इस दौरान राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद टीम के जिलाध्यक्ष हसमत हुसैन खान के साथ यूथ विंग जिलाध्यक्ष हामिद मंसूरी, जिला मीडिया प्रभारी अरविंद, जिला प्रभारी आईटी सेल इसरार अहमद, तहसील भिनगा अध्यक्ष मुजम्मिल अहमद, तहसील उपाध्यक्ष फब्बन खान, तहसील सचिव रईस अहमद आदि मौजूद रहे।